देहरादून

ओएनजीसी ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत गंगा फाउंडेशन के सहयोग से उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बाल भवन, तरला आमवाला (रायपुर रोड), देहरादून को बच्चों की शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए आवश्यक आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए। शनिवार को आयोजित समारोह में कंप्यूटर, प्रिंटर, फर्नीचर, स्टील अलमारियां, साउंड सिस्टम, संगीत वाद्ययंत्र, ऑडियो एम्प्लीफिकेशन सिस्टम, प्रोजेक्टर, इन्वर्टर, फोल्डिंग बेड, रजाइयां, गद्दे और कार्यालय फर्नीचर सहित विभिन्न सामग्री औपचारिक रूप से परिषद को सौंपी गई।

यह सामग्री ओएनजीसी के महाप्रबंधक (एचआर) पवन कुमार सैनी और गंगा फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पर्यावरणविद् जगदीश बबला के मार्गदर्शन तथा क्षेत्रीय पार्षद प्रशांत डोभाल की उपस्थिति में महासचिव आशा पन्यूली, उपाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री और संयुक्त सचिव ज्योत्सना खत्री को हस्तांतरित की।

कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए ओएनजीसी के मुख्य मानव संसाधन सेवाएं प्रमुख नीरज कुमार शर्मा और सीएसआर प्रभारी विशाल शर्मा ने कहा कि ओएनजीसी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। वहीं माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद सिमल्टी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे शिक्षा से वंचित बच्चों को बेहतर सीखने का वातावरण मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में भी ओएनजीसी ने लगभग 75 लाख रुपये की लागत से बाल भवन भवन का निर्माण कराया था।

क्षेत्रीय पार्षद प्रशांत डोभाल ने कहा कि ओएनजीसी की यह पहल समावेशी शिक्षा को मजबूत करेगी। महासचिव आशा पन्यूली ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उपलब्ध कराए गए संसाधनों से बच्चों की शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी। पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश बबला ने कहा कि इन सुविधाओं से गरीब एवं वंचित विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

कार्यक्रम में ओएनजीसी के प्रतिनिधि एल. मोहन लखेड़ा सहित गंगा फाउंडेशन, बाल कल्याण परिषद और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ज्योत्सना खत्री ने किया।

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