देहरादून, 15 मार्च 2026। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) मुख्यालय जौलीग्रांट में फेज-2 के तहत करीब 27.25 करोड़ रुपये की लागत से आउटडोर ट्रेनिंग कंपोनेंट्स विकसित किए जाएंगे। इसके लिए शासन से वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
एसडीआरएफ मुख्यालय रेस्क्यू और प्रशिक्षण दोनों दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण संस्थान है। यहां जवानों और अधिकारियों को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का विशेष प्रशिक्षण देकर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाता है। इसके अलावा अन्य स्थानों से आने वाले जवानों और आपदा मित्रों को भी यहां प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को तेजी से संचालित किया जा सके।
फेज-2 के अंतर्गत करीब आठ हेक्टेयर भूमि पर आउटडोर प्रशिक्षण से जुड़े कई अत्याधुनिक निर्माण कार्य किए जाएंगे। इन सुविधाओं के तैयार होने के बाद एसडीआरएफ और यहां प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षुओं को विभिन्न प्रकार के रेस्क्यू ऑपरेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
फेज-2 में किए जाएंगे ये प्रमुख कार्य
- स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू प्रशिक्षण सुविधा
- हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू ट्रेनिंग कंपोनेंट
- रोपवे रेस्क्यू सिस्टम
- रेस्क्यू डॉग्स के लिए ऑब्स्टेकल रेस्क्यू ट्रेनिंग
- एसडीआरएफ कर्मियों के लिए ऑब्स्टेकल रेस्क्यू ट्रेनिंग
- डीप डाइविंग पूल
- सरफेस वाटर सर्च एंड रेस्क्यू पूल
- आउटडोर डेमोन्स्ट्रेशन क्षेत्र
- साइट डेवलपमेंट कार्य
- एसडीआरएफ आउटडोर ट्रेनिंग उपकरणों की खरीद
- पर्यावरण मॉनिटरिंग सिस्टम
फेज-1 में हो चुका है मुख्यालय का निर्माण
एसडीआरएफ मुख्यालय का निर्माण फेज-1 में पूरा कर 9 जनवरी 2023 को बल को सौंप दिया गया था। इसमें एडमिन ब्लॉक, ट्रेनिंग ब्लॉक, बहुउद्देशीय हॉल, गेस्ट हाउस, बैरक, स्टोर, मार्ग, ट्रेड कॉम्प्लेक्स, 105 परिवारों के लिए आवास, एमटी गैरेज और कार्यालय जैसी सुविधाएं बनाई गई हैं।
यू-प्रीपेर योजना के अंतर्गत स्वीकृत इस परियोजना के पूर्ण होने से एसडीआरएफ के जवानों और प्रशिक्षुओं को और अधिक आधुनिक तथा कठिन परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सकेगा, जिससे आपदा के समय बचाव कार्यों की क्षमता और दक्षता में बढ़ोतरी होगी।
