देहरादून, 02 जून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में एग्री स्टैक से संबंधित कार्यों को किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी जिलाधिकारियों को सक्रिय और परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अंश निर्धारण के कार्य में देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जनपदों को विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी प्रोएक्टिव होकर कार्य करें और निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करें।

उन्होंने कहा कि उर्वरकों का वितरण भी किसान पंजीकरण के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में किसान पंजीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करते हुए दैनिक प्रगति बढ़ाने तथा विशेष शिविर आयोजित कर किसानों का पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि यदि किसान पंजीकरण का कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और उर्वरकों के वितरण में बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को देखते हुए स्वयं सहायता समूहों, युवा मंगल दलों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों की सेवाएं लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक प्रशिक्षण देकर इनकी सहायता से सर्वे कार्य को गति दी जा सकती है।

उन्होंने एग्री स्टैक से जुड़े सभी कार्यों में तेजी लाने के लिए किसानों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक किसानों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और यदि समय पर यह कार्य पूर्ण नहीं हुए तो केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ. वी. षणमुगम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एस. एन. पाण्डेय, रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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