मसूरी । मसूरी में आवास निर्माण या होटल निर्माण के नियम प्रभावशाली और धन्नासेठों के लिए अलग अलग हैं क्या ? यह सवाल आज मसूरी के तमाम प्रभावितों समेत आम नागरिक के हैं । क्योंकि यहाॅ अवासीय नक्शे की आड़ में होटल तो बेधड़क बन रहे हैं मगर स्थानीय नागरिकों के टूटे फूटे घरों पर सम्बन्धित विभागों की टेड़ी नज़र साफ दिखायी दे रही है ।
मसूरी में जहाॅ नज़र दौड़ाओ वहाॅ आवास निर्माण के नाम पर दर्जनों होटल बन गए हैं । क्या स्प्रींग रोड़, हाथीपांव रोड़, कम्पनी गार्डन रोड़, कैमल बैक रोड़, माॅल रोड़, लंढ़ौर रोड़, मसूरी किंग्रेग रोड़, बार्लोगंज झड़ीपानी रोड़, देहरादून रोड़ हर तरफ वन अधिनियम 1980, एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के व्यवसायिक निर्माण पर रोक के आदेशों को किनारे कर धड़ल्ले से अवैध निर्माण और अवैध होटल बन रहे हैं ।
लगभग पिछले 3 वर्षों में आवासीय मानचित्र पर धनाधन बनें इन होटलों को पर्यटन विभाग ने गेस्ट हाउस या होमस्टे का लाइसेंस देकर इन्हें वैध व्यवसायिक प्रतिष्ठान बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी । मसूरी में लगभग हरएक गली में कुकरमुत्तों की तरह अनेक अवैध होटल उगे हुए हैं । स्थानीय सम्पन्न व्यक्तियों या दिल्ली हरियाणा आदि प्रदेशों के लोगों द्वारा बनाए गए इन आवास रूपी अवैध होटलों के कारण मसूरी की व्यवस्थाएं धड़ाम हो गई हैं। मसूरी पर लाईट, पानी और सीवर का बोझ तो बढ़ ही गया है मगर सबसे ज्यादा बोझ मसूरी पर ट्रेफिक जाम का बढ़ा है। पुलिस, प्रशासन जाम से जूझ रहा है, घण्टों जाम में फंसे पर्यटक मसूरी के प्रति नकारात्मक छवि लेकर जा रहे हैं । मगर तमाम अव्यवस्थाओं और जाम के झाम से उभरने और मसूरी के अस्तिव को बचाने के लिए कोई इन बढ़ते अनेक अवैध होटलों की गति पर लगाम लगाने का इच्छुक नहीं दिखायी देता है ।
मसूरी प्रशासन, नगर पालिका मसूरी, एमडीडीए, वन विभाग तथा खनन विभाग आदि तमाम सम्बन्धित विभागों का अखबारी दावा तो यही होता है कि किसी भी अवैध निर्माणकर्ता को बक्शा नहीं जाएगा । मगर सम्बन्धित तमाम विभाग भी प्लिंथ संरचना नज़र आने या आरक्षित वन क्षेत्र से बाहर होने की दुहाई देकर धड़ल्ले से मसूरी में कथित आवासी नक्शे पास कर अवैध होटलों को बनवाकर मसूरी के अस्तित्व, सौन्दर्यता एवं पर्यावरण को खत्म करने पर तुले हुए हैं । इन्हें किसी कानून और एनजीटी के आदेशों की कोई परवाह नज़र नहीं आती है। हाॅ अवैध निर्माण के नाम पर ये मसूरी के छोटे मूल नागरिकों को जरूर पड़ताड़ित करते नज़र आते हैं जहाॅ ये बिना किसी पूर्व नोटिस के सील करने पंहुच जाते हैं।

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