मसूरी । आखिरकार मसूरी होटल एसोसिएशन को भी जोर से याद आ ही गया कि मसूरी सीजन चढ़ने वाला है और आपदा के 6 महीनें बाद भी मसूरी के लिए सड़कें ठीक नहीं हैं । सड़कें तो छोड़िए जनाब मसूरी को जोड़ने वाले शिवमंदिर के पास गदेरे पर बनें बेली ब्रिज की सेहत भी अच्छी नहीं है जिसके बलबूते मसूरी में यातायात की सांसे चल रही हैं । यही नहीं अब तो ऐसा लगता है कि कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक पर भी मसूरी होटल एसोसिएशन का धैर्य जवाब दे गया है तभी तो शायद आज एसोसिएशन ने सीधे प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजा है । देखें वीडियो-

दोस्तों हम आपदा के समय से आवाज लगा रहे हैं कि मसूरी की रोड़े ठीक नहीं हैं । शिव मंदिर के पास गहरे गदेरे पर हर प्रकार के वाहनों का आवागमन बेली ब्रिज पर मसूरी जैसे पर्यटन शहर के लिए आने वाले लाखों वाहनों का भार उठाने के लिए छोड़ देना जोखिम भरा है, गलत है । वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न कम्पन और कानफोड़ो आवाज से आज भी पुल पर चलते हुए डर लगता है । जबकि हजारों किलो वजन के वाहनों के पिछले 6 महीनों से इस पुल के ऊपर से दोड़ने के कारण पुल पर निश्चित तौर पर असर पड़ा होगा । जिसे नज़रअंदाज नहीं किया जाना चाहिए । इसके अलावा यहां पर आए दिन लगने वाला घण्टों का जाम स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है, मसूरी पर्यटन पर गलत असर डाल रहा है। मगर मसूरी होटल एसोसिएशन ही नहीं बल्कि तमाम एसोसिएशन और संगठन अब तक चुप्पी साधे हुए हैं ।
कांग्रेस ने जरूर कुछ समय पूर्व बेली ब्रिज के स्थान पर पक्का पुल न बनने पर धरने की चेतावनी दी थी, उस धरने की भी वेटिंग हो रही है । हालांकि नगर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने आज कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल दिल्ली थे अब उनके लौटते ही बेली ब्रिज पर धरना दिया जाएगा ।
मसूरी होटल एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा गया है कि हम आपको अवगत कराना चाहते हैं कि पिछले मानसून में दुर्भाग्यवश हुई बादल फटने की घटना के बाद से, मसूरी की ओर जाने वाले NH (राष्ट्रीय राजमार्ग) और SH (राज्य राजमार्ग) व मुख्य सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है कि – 1. शिव मंदिर के पास देहरादून-मसूरी जिस पर फिलहाल बेली ब्रिज की मदद से आवागमन चालू रखा गया है।

  1. यमुना ब्रिज पॉइंट से पहले मसूरी-यमुनोत्री NH
  2. किमाड़ी मार्ग (Kimadi) होते हुए देहरादून-मसूरी सड़क, जिसके चैड़ीकरण की तत्काल आवश्यकता है।
  3. मसूरी में कैंपटी स्टैंड के पास मसूरी-यमुनोत्री NH
    महोदय, चूंकि पर्यटन का मुख्य सीजन बस आने ही वाला है, अतः आपसे अत्यंत विनम्र निवेदन है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कि इन सड़कों की मरम्मत चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। अन्यथा, मसूरी के निवासियों और होटल व्यवसायियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, और पर्यटकों को भी अकल्पनीय असुविधा का सामना करना पड़ेगा, जिससे हमारी पहाड़ों की रानी (Queen Of hills) मसूरी की छवि को भी ठेस पहुंचेगी।
    बैली ब्रिज का मामला एक बार फिर गरम है । शायद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बातों पर अब किसी को विश्वास नहीं रह गया है । क्योंकि उन्होंने कल ही कहा था कि बेली ब्रिज अगले 4-5 महींने में बन जाएगा । मगर लोगों को पता है कि इतनी देर में मसूरी का सीजन यूंही निकल जाएगा । जून से बरसात शूरू हो जाएगी फिर पुल कब बनकर तैयार होगा । वैसे भी झड़ीपानी समेत तमाम आपदाग्रस्त क्षेत्र में राहत की एक ईंट तक नहीं लगी न गणेश जोशी कभी लौटकर आपदाग्रस्त लोगों के पास पंहुचे ।
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