मसूरी । मसूरी वासियों के लिए वह दिन बहुत खुशी का होगा जब मसूरी में प्रत्येक स्टेट का फॉरेस्ट के रूप में नोटिफाइड और डी- नोटिफाइड का गजट नोटिफिकेशन जारी हो जायेगा । लगभग 20 वर्षों की लम्बी तपन के बाद वह दिन जल्दी आने वाला है ।

उल्लेखनीय है कि मसूरी नगर पालिका क्षेत्र 218 इस्टेट में बंटा है । स्पष्ट चिन्हीकरण के अभाव में अनेक इस्टेस का ऐसा बड़ा भाग भी निजी वन भूमि के रूप में शामिल माना जाता है जिस भाग में बिल्कुल भी पेड़ नहीं हैं या डीम्ड फाॅरेस्ट भी नहीं है। जिससे लोग अपनी निजी भूमि पर घर का मानचित्र भी पास नहीं करा पा रहे हैं और दशकों से डेट पर डेट पाने के लिए विभागों के चक्कर काट रहे हैं, उत्पीड़ित हैं ।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मसूरी की उक्त सभी इस्टेट का नोटिफाइड तथा डि-नोटिफाइड के रूप में डिमार्केशन होना था ताकि वन भूमि और गैर वनभूमि का स्पष्ट उल्लेख हो । और लोग अपने घर का नक्शा पास करा सकें । वन विभाग, सर्वे आफ इण्डिया, नगर पालिका, एमडीडीए तथा नगर प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से सर्वे हो रहा है । मगर इच्छा शक्ति के अभाव में कछुवागति से मसूरी का सर्वे होते होते लगभग 20 बरस बीत गए हैं । परन्तु सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब 216 इस्टेट का सर्वे पूरा हो चुका है ।
इन दिनों झड़ीपानी क्षेत्र में सर्वे का कार्य चल रहा है। पालिका रिकार्ड में इस इस्टेट का नाम किंगलाॅज के नाम से बताया जा रहा है । यह सम्पूर्ण क्षेत्र तीन इस्टेट पटियाला स्टेट, ओकग्रोव तथा किंगलाॅज इस्टेट के रूप में दर्ज है । झड़ीपानी निवासी एवं राज्य आन्दोलनकारी प्रदीप भण्डारी ने भी सर्वे विभाग तथा वन विभाग को अनेको बार मसूरी में सर्वे शीघ्र पूरा करने हेतु ज्ञापन दिए व विभागों का घेराव भी किया । तमाम जनप्रतिनिधि भी लम्बे समय से सर्वे पूरा करने की मांग उठाते रहे हैं । अंततः अब मसूरी का डि-नोटिफाइड डिमार्केशन का सर्वे कार्य पूरा होने की उम्मीद जीम है ।
अब 2 इस्टेट जिनमें परिटिब्बा तथा पिन प्वांइट इस्टेट का सर्वे शेष रह गया । सर्वे टीमों का कार्य मार्च तक पूरा होने की संभावना है । उसके बाद देखना होगा कि शासन कब तक गजट नोटिफिकेशन जारी करता है ।

