मसूरी । ऐसा लगता है कि राजनेताओं और नौकरशाहों के आपसी अहम के टकराव का खामियाजा पर्यटन नगरी मसूरी को भुगतना पड़ रहा है। मसूरी विधायक गणेश जोशी और जिलाधिकारी संविन बंसल की आपस में न बनने की बातें जगजाहिर हैं । इन महत्वपूर्ण पदों के वर्चस्व की लड़ाई से अब मसूरी पर्यटन और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं ।
जिलाधिकारी सविंन बंसल ने तो मसूरी की तरफ पीठ ही कर रखी है । शिव मंदिर के पास स्थाही पुल टूटे व झड़ीपानी चामासारी, मकैड़ेती आदि क्षेत्रों में आपदा से तबाही के 6 माह निकल गए मगर आपदाग्रस्त आबादी झड़ीपानी चामासारी में डीएम एक बार भी क्षेत्र में नहीं आए, लोग आज भय के साए में जी रहे हैं।
कैंम्पटी टैक्सी स्टेण्ड के पास राष्ट्रीय राजमार्ग टूटे माह निकल गया डीएम देखने नहीं आए। लगभग पिछले एक साल से डीएम ने मसूरी की व्यवस्थाएं का जायजा लेना ठीक नहीं समझा। यही नहीं मसूरी में स्थाही एसडीएम की तैनाती तक नहीं है । कई माह से मसूरी में प्रशासनिक व्यवस्था ठप्प सी है । जनप्रतिनिधियों का फोन न उठाने के लिए भी डीएम के प्रति शिकायतें हैं ।
डीएम सविन बंसल एक बेहतर प्रशासनिक अधिाकरी मानें जाते हैं । मगर देहरादून में लगातार सक्रिय दिखाई देने वाले डीएम ने क्या प्रदेश में रोजगार व राजस्व प्राप्ति के सबसे बड़े पर्यटन शहर मसूरी में पर्यटन व्यवस्थाओं एवं जन समस्याओं को सुनने और फीड बैक लेने की जरूरत महसूस नहीं की। मसूरी के प्रति डीएम की अनदेखी यूं लगती है जैसे कि मसूरी जिले का हिस्सा ही न हो ।
पिछले 13 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ जब मसूरी विंटर कार्निवाल समिति अध्यक्ष जिलाधिकारी सविंन बंसल पूरा कार्निवाल निकल जाने पर एक बार भी कार्निवाल में मसूरी नहीं आए। इससे मसूरी के प्रति उनके लगाव को समझा जा सकता है । जिलाधिकारी की समिति ने लोक कलाकारों का पैंसा रोका हुआ है पता नहीं क्यों ।
किंग्रेग मसूरी पर उनकी बहु प्रचारित शटल योजना भी धड़ाम हो गई ।
प्रदेश के प्रमुख पर्यटन नगरी मसूरी का सीजन अब सिर पर है मगर डीएम ने आज तक सीजन की तैयारी को लेकर एक बैठक तक नहीं ली । मसूरी में तमाम जन समस्याएं मूंह बांए खड़ी हैं ।
क्या सीजन प्रारम्भ हो जाने पर होगी डीएम की बैठक और पीक सीजन में भरे जाएंगे अव्यवस्थाओं के गढ्ढे ।
अब तो लोग सवाल करने लगे हैं कि क्या डीएम मंत्री का आपसी टकराव बर्बाद कर रहा है मसूरी को? यह वीडियो तो आप लोगों का याद ही होगा ।
